आज़ादी वी‌डियो

  • जीएम टेक्नोलॉजी पूरी दुनिया के किसानों के लिए वरदान साबित हुई है। फिर भी, भारत की सरकारें इस तकनीकि के फायदों को समझने में असफल रही है और किसानों को इस टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से वंचित रखा है।

  • काफी इंतजार के बाद पिछले वर्ष राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2019 ड्राफ्ट आखिरकार जारी हो ही गया। यह ड्राफ्ट 484 पृष्ठों का व्यापक दस्तावेज है जिसे तैयार करने में चार वर्षों से अधिक का समय लगा। इंडियन स्पेश रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) के चेयरमैन रहे पद्
  • भारत में स्कूली शिक्षा की स्थिति बेहाल हो गई है। दिल्ली सरकार ने पिछले कुछ सालों में शिक्षा में सुधार लाने  के लिए कुछ प्रयास किए हैं।  सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी के द्वारा प्रस्तुत  आज़

  • आस पास के रेहड़ी पटरी व्यवसायियों के पास आपका आना जाना अवश्य रहता होगा। रेहड़ी पटरी वाले ताजे फल-सब्जियों से लेकर हल्के फुल्क नाश्ते तक की हमारी दिन प्रतिदिन की सारी जरूरतों को पूरी करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नीतिगत अन

  • आखिर इस महिला को उस मराठी कहावत की याद दिलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है जिसमें कहा जाता है कि 'बैल आजारी पड़ला तार चलेल, बाइल आजारी नको पड़ैला' यानि कि बैल अगर बीमार पड़ जाए तो फिर भी खेती हो सकती है लेकिन घरवाली अगर बीमार पड़ जाए तो काम नहीं चल स

  • जानिए क्यों अकोला (महाराष्ट्र) के किसान जयंत रामचंद्रन बापट प्रतिबंधित एचटीबीटी बीज के प्रयोग को जायज ठहरा रहे हैं। और यह भी जानें कि क्यों उन्हें यह बयान देना पड़ता है कि 'आतंकवाद से व्यक्ति एक बार मरता है लेकिन सरकार के इस प्रावधान के कारण महिला कि

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