ताज़ा तरीन

आज़ादी वी‌डियो

आखिर इस महिला को उस मराठी कहावत की याद दिलाने की जरूरत क्यों पड़ रही है जिसमें कहा जाता है कि 'बैल आ...
जानिए क्यों अकोला (महाराष्ट्र) के किसान जयंत रामचंद्रन बापट प्रतिबंधित एचटीबीटी बीज के प्रयोग को जाय...

public polocies सार्वजनिक नीति

आज़ादी ब्लॉग

Wednesday, September 18, 2019
क्या कृषि ऋण वास्तविक लाभार्थी तक पहुंच रहा है? यह सवाल देश के सर्वोच्च बैंक ने पूछा है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कृषि ऋण की...
Tuesday, September 03, 2019
आज ही के दिन ठीक 85 साल पहले शरद जोशी का जैविक रूप से हम सभी साधारण पुरुषों की तरह जन्म हुआ था. फिर ऐसी कौन सी बात है, जिसके कारण...
Saturday, August 24, 2019
आर्थिक मंदी की आहट मिलते ही तमाम बुद्धिजीवों और उद्योगपतियों के द्वारा सरकार से राहत पैकेज की मांग जोर पकड़ने लगी है.. ऐसा देश में...
Monday, August 05, 2019
जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने के बहुचर्चित फैसले पर केंद्र सरकार ने मुहर लगा दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद केंद्र सरकार ने स...
Wednesday, July 31, 2019
नोबल पुरस्कार विजेता मिल्टन फ्रीडमैन (1912-2006) पिछली सदी के उन कुछ महान अर्थशास्त्रियों में से थे जिन्होंने सारी दुनिया के आर्थि...
Monday, July 29, 2019
महान समाज सुधारक, शिक्षा शास्त्री और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी ईश्वरचंद्र विद्यासागर का जन्म 26 सितंबर, 1820 को पश्चिम बंगाल के मे...
Monday, June 17, 2019
पब्लिक पॉलिसी थिंकटैंक सेंटर फार सिविल सोसायटी व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी एकबार फिर लेकर आए हैं पत्रकारों के...
Wednesday, May 15, 2019
दशकों तक भारत में ‘अर्थशास्त्र’ का तात्पर्य गरीबी का अध्ययन रहा है। कुछ समय पहले तक कॉलेज में अर्थशास्त्र पढ़ाने की शुरूआत ‘गरीबी...

तीखी मिर्ची

संपादकीय कोना

615 मिलियन लोगों के द्वारा प्रयुक्त की जाने वाली ‘हिंदी’ विश्व में...

अविनाश चंद्रा's picture
Avinash

जनमत

आर्थिक मंदी से निबटने के लिए उद्योगों की बजाए खरीददारों को प्रोत्साहन पैकेज देने के सुझाव से आप सहमत हैं?

आज़ादी प्रकाशन

कानून पथभ्रष्ट हो गया है! कानून – और, इससे संबंधित राष्ट्र की समस्त शक्तियां सामूहिक रूप से न केवल अपने वास्तविक मार्ग से विचलित हो गयी हैं बल्कि मैं तो कहूंगा कि वे सर्वथा विपरीत मार्ग पर बढ़ रही हैं! लोभ व लोलुपता की राह में रुकावट बनने की बजाए आज कानून समस्त प्रकार के लोभ की पूर्ति का उपकरण बन...

आर्थिक स्वतंत्रता सूचकांक