Koodankulam

पूर्व राष्ट्रपति डॉ. अब्दुल कलाम कोई नेता नहीं हैं कि वे किसी पार्टी या सरकार के पक्ष में बोलेंगे। उन्होंने कूडनकुलम के परमाणु-संयंत्र के पक्ष में अपनी राय देकर सारे विवाद का पटाक्षेप कर दिया है। उस संयंत्र के विरूद्ध जो लोग प्रदर्शन कर रहे थे, उनमें से यद्यपि कई संदेहास्पद चरित्र के लोग भी थे लेकिन उस क्षेत्र के लोगों की चिंता स्वाभाविक ही थी। चेर्नोबिल और फुकुशिमा की दिल दहला देनेवाली दुर्घटनाओं ने सारे संसार को परमाणु-ऊर्जा के बारे में पुनर्विचार के लिए बाध्य कर दिया था। ऐसी स्थिति में हमारी सरकार भी हतप्रभ हो रही थी। उसकी जुबान हकला रही थी। इसी कारण 13 हजार करोड़ रू.

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