स्वामीनाथन

आंदोलन कर रहे किसानों की छवि संतों अथवा पापियों के रूप में गढ़ी जा सकती है। 1960 के दशक में जब देश भुखमरी की समस्या से जूझ रहा था तब उन्होंने हरित क्रांति की अगुवाई करके न केवल भारत को खाद्यान्नों के मामले में आत्मनिर्भर बनाया बल्कि एक निर्यातक देश के तौर पर भी स्थापित किया। इसके लिए उन्हें नायक कहा जाना बिल्कुल उचित था।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

हाल ही में लोक सभा में एक बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की थी कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सूट-बूट वालों की सरकार चलाते हैं, जो अपने अमीर करीबियोँ का समर्थन करती है और गरीब लोगोँ को नजरअंदाज करती है।

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स्वामीनाथन अय्यर