समाजवाद

- हम अमीर सरकार वाले गरीब देश के निवासी है
- गरीबी उन्मूलन के लिए लाई जाने वाली सरकारी योजनाएं गैरकानूनी और काला धन बनाने का स्त्रोत होती हैं
- यदि समाजवाद के प्रति हमारी सनक बरकार रहती है तो देश का भविष्य अंधकारमय ही रहेगा

हाल ही में लोक सभा में एक बहस के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने यह टिप्पणी की थी कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी सूट-बूट वालों की सरकार चलाते हैं, जो अपने अमीर करीबियोँ का समर्थन करती है और गरीब लोगोँ को नजरअंदाज करती है।

Author: 
स्वामीनाथन अय्यर

अर्थशास्त्र में यह माना जाता है कि सभी मनुष्य तार्किक होते हैं अर्थात् वे हानि की अपेक्षा लाभ पसन्द करते हैं तथा तार्किक रूप से स्व-हित के लिए प्रयासरत रहते हैं। राजनीति विज्ञान में अधिकाँशतः गलत रुप से यह माना जाता है कि राजनैतिक बाज़ार के सभी अभिनेता अर्थात् राजनेता एवं नौकरशाह, निस्वार्थ भाव से जनहित के लिए प्रयासरत रहते हैं।

समाजवाद के 6 चमत्कार

1- किसी के पास काम नहीं, लेकिन कोई बेरोजगार नहीं
2- कोई काम नहीं करता, लेकिन पैसे सभी को मिलते हैं
3- पैसे सभी को मिलते हैं, लेकिन इस पैसे से खरीदने के लिए कुछ भी नहीं होता
4- कोई कुछ नहीं खरीद सकता, लेकिन सभी चीजों पर सबका स्वामित्व होता है
5- सभी चीजों पर सबका स्वामित्व होता है, लेकिन कोई संतुष्ट नहीं होता
6- कोई संतुष्ट नहीं होता, लेकिन 99% लोग सिस्टम के लिए मतदान करते हैं

Category: 

रूस में पैदा हुई विख्यात अमेरिकी उपन्यासकार, दार्शनिक, नाटककार व 'द फाउंटेनहेड (1943)', 'एटलस श्रग्ड (1957)' आदि जैसे बेस्ट सेलर की रचइता 'आयन रैंड' [2 फरवरी 1905 - 6 मार्च, 1982] की कल अर्थात 2 फरवरी को 111वां जन्मदिवस था। उनके एक प्रसिद्ध कथन को याद करते हुए इस महान उदारवादी चिंतक को हमारी श्रद्धांजलि..

Category: