राह

गत पखवाड़े संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा उठाए गए सुधार संबंधी कदमों का इस कदर स्वागत महज इसलिए हुआ क्योंकि उससे पहले सालों तक उसने निष्क्रियता दिखाई थी। जिन आर्थिक सुधारों की घोषणा की गई वे कोई ऐसे सुधार नहीं थे जो बहुत बड़ा बदलाव लाने वाले हों। बल्कि वे संकट को दूर रखने के लिए न्यूनतम जरूरी सुधार थे। बहरहाल सरकार खुद को इतना कर पाने के लिए प्रेरित कर पाई यह भी स्वागतयोग्य है। इतना ही नहीं इस क्रम में उसने अपने लिए लगातार परेशानी खड़ी करने वाले सहयोगी तृणमूल कांग्रेस का भी चुनौतीपूर्ण ढंग से मुकाबला किया। सुधारों की घोषणा के बाद निहायत अवसरवादी ढंग से तमा

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