गिरफ्तार

 

जैसा चलन चल पड़ा है कि कहीं से कोई सुर्रा उठ जाने पर हम उससे जुड़ी हर चीज, हर व्यवस्था, सरकार, देश और समूची दुनिया को भ्रष्ट बताने लगते हैं, उसी तरह आईपीएल में फिक्सिंग का मामला एक बार फिर उभर आने के बाद इस पूरे टूर्नामेंट, लीग और देश के समूचे क्रिकेट सरंजाम को ही कूड़ेदान में डालने पर उतावले न हो जाएं।

सोशल मीडिया की उपयोगिता के सैकड़ों आयाम हैं। यह उपयोगिता जब किसी को न्याय दिलाने या जीवन बचाने के मामले में दिखाई देती है, तो स्वाभाविक तौर पर इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। ऐसा एक मामला बेंगलूर में दो दिन पहले सामने आया। पुलिस ने फेसबुक के जरिए दो सड़कछाप मवालियों को धर दबोचा। मामले की शुरुआत चंद दिनों पहले हुई थी, जब युवा अक्षय को अपनी दो महिला मित्रों के साथ सड़क पर दो लड़कों की बदतमीजी से जूझना पड़ा। बाइक सवार दो बदमाश महिलाओं से छेड़खानी कर भाग गए। इस दौरान अक्षय ने अपने मोबाइल से उनकी तस्वीरें ले लीं और फेसबुक पर पोस्ट कर दिया।