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यूपीए सरकार ने बैंकिंग कानून (संशोधन) विधेयक- 2011 से विवादास्पद प्रावधान को हटाने की बुद्धिमत्ता दिखाई, जिसका परिणाम है कि इस संशोधन को लोकसभा की मंजूरी मिल गई है। कंपनी कानून में संशोधन का विधेयक भी लोकसभा में पास हो गया है। इन दोनों विधेयकों जैसी व्यापक राजनीतिक सहमति बनी, उसके बाद राज्यसभा में इनके लटकने की आशंका नहीं है। इस तरह संसद के मौजूदा सत्र में ही आर्थिक सुधारों की दिशा में ये अहम विधायी प्रक्रिया पूरी हो जाने की संभावना है। बीमा कानून में संशोधन का विधेयक और पेंशन फंड विनियामक और विकास प्राधिकरण बिल पर स्थिति अभी साफ नहीं है, जबकि नया भूमि सुधार कानून का मसला

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