कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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इन दिनों कोका कोला और पेप्सी कोला में पेस्टिसाइड्स (कीटनाशक) की उपयुक्त मात्रा को लेकर विवाद चल रहा है. भारतीय स्वामित्व वाले शीतल पेय पदार्थों के साथ ही यहां तक की भारत के दूध और पानी के साथ इनकी तुलना के कोई प्रयास नहीं किए गए हैं.

ब्रिटिश राज के दौरान गोरों पर जिम्मेदारी होने की अवधारणा का प्रचलन हुआ। रुडयार्ड किपलिंग द्वारा 1899 में लिखी गई कविता “व्हाइट मेन्स बर्डन” की नजर में भारतीय 'कानूनविहीन कमतर नस्ल' थी, जिनसे अच्छे स्तर या गुणवत्ता की अपेक्षा नहीं की जा सकती। लेकिन

Published on 3 Sep 2000 - 10:30

अपनी युवावस्था के दिनों में मैंने निचले स्तर तक आर्थिक लाभ के सिद्धांत (थ्योरी ऑफ इकोनॉमिक ट्रिकल डाउन) के बारे में सुना था। इसके मुताबिक अगर अमीर और अधिक अमीर होंगे तो गरीबों को भी इसका लाभ मिलेगा और इस वजह से यह सबके लिए फायदेमंद रहेगा। ऐसा माना जा रहा था कि यह इस बात का भी खुलासा कर देगा, कार्ल मार्क्स के विपरीत, कि यह सच नहीं है कि अमीर और अमीर हो गए, जबकि गरीब और गरीब। इसके विपरीत हुआ यह कि दोनों ही साथ-साथ अमीर हुए। अमेरिका में गरीबी की रेखा 11 हजार डॉलर प्रति वर्ष (पांच लाख रुपए प्रति वर्ष) की चौंकाने

Published on 30 Jul 2000 - 10:30

भाजपा शासित भारत जबकि स्वदेशी को अपना रहा है, ब्रिटेन इस सोच से किनारा कर रहा है। ब्रिटेन की उत्पादन क्षमता की जीवंत प्रतीक कंपनी रोल्स रॉयस, जर्मनी की बीएमडल्यू कंपनी को बेच दी गई है। फोक्सवैगन अब और बड़ी बोली लगाने की तैयारी में है। इसके साथ ही पैसेंजर कार निर्माताओं में अब एक भी ब्रिटिश कंपनी बाकी नहीं है। फिर भी ब्रिटेन में स्वदेशी कार के अंत पर शोक जैसी कोई स्थिति नहीं है।

स्वदेशी जागरण मंच जैसा कोई संगठन ब्रिटेन की औद्योगिक क्रांति की अग्रणी कंपनी के अंत पर छाती पीट-पीटकर

Published on 5 Apr 1998 - 11:30

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