कमेन्टरी - स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर

इस पेज पर स्वामीनाथन एस. ए. अय्यर के लेख दिये गये हैं। ये लेख शीर्ष बिजनेस अखबारों में स्वामीनॉमिक्स कॉलम में प्रकाशित होते हैं।

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चुनाव में बडे पैमाने पर पैसा खर्च करना केवल भारत की विशेषता नहीं है। अमेरिका ने हाल के चुनाव पर 7 बिलियन डालर खर्च किए जो 2008 के 5बिलियन डालर से ज्यादा है। इनमें से आधे राष्ट्रपति चुनाव और आधे कांग्रेस के चुनाव में खर्च हुए।इसके बावजूद नतीजे बताते हैं कि भारी चुनावी खर्च से पैसों की बर्बादी हुई।

हालांकि निराशावादी लोग इससे सहमत नहीं हैं।वे कहते है कि रोमनी को कार्पोरेट कंपनियों से अरबों मिले जबकि ओबामा को छोटा चंदे मिले।इसका मतलब है कि पैसा मायने रखता है लेकिन दोनो पक्षों को लगभग बराबर पैसा मिला

Published on 15 Nov 2012 - 15:59

सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त एक विशेषज्ञ समूह ने जेनेटीकली मॉडीफाइड (जीएम) फसलों के फील्ड ट्रायल पर 10 साल की पाबंदी लगाने का सुझाव दिया है। इससे निकट भविष्य में उनकी फसल उगाए जाने की संभवना पर रोक लग जाएगी। कांसार्टियम इंडियन फार्मर्स एसोसिएशन्स के महासचिव चेंगल रेड्डी ने इसका यह कहकर विरोध किया है कि यह किसानों के हितों के खिलाफ है जिन्हें ज्यादा पैदावार देनेवाली  और कम कीटनाशकों का उपयोग करनेवाली जीएम फसलों की जरूरत है । भारतीय उपभोक्ताओं को भी ज्यादा उत्पादन और कीटनाशकों के कम इस्तेमाल से लाभ होगा।

Published on 29 Oct 2012 - 18:19

क्या राबर्ट वढेरा के बारे में भंडाफोड़ भ्रष्टाचार को खत्म कर देगा ? या यह एक और सनसनी है जो मध्यम वर्ग को कुछ सप्ताह तक झनझनाती रहेगी और फिर उसे भुला दिया जाएगा। क्या राजनीति भारत का अबतक का सबसे बड़ा धंधा है?

मैं बहुत आशावादी नहीं हूं। हर पार्टी के राजनीतिज्ञ अपने प्रतिद्वंदियों पर कीचड उछालना पसंद करते हैं। एक अच्छे व्यापारी के तौर पर उनको उम्मीद होती है कि कि इससे उनका मार्केट शेयर बढ़ जाएगा। लेकिन क्या वे व्यापार को पूरी तरह बंद करेंगे और कम लाभदायक धंधे में चले जाएंगे। मुझे संदेह है।

Published on 15 Oct 2012 - 14:57

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