सिर पर छत के लिए तरसते छत्तीसगढ़ के ग्रामीण

सरकार के द्वारा गरीबी के रेखा के नीचे रहने वाले लोगों को मुफ्त घर प्रदान करने की योजना के बाद भी, छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले अति निर्धन लोग आज भी बिना पक्के घर के ही रह रहे हैं.

छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव जिले में स्वयं मिटटी के घर में रहने वाली भान साहू बता रही हैं की इस गृह योजना के तहत करीब 35,000 रुपये प्रत्येक निर्धन परिवार के लिए आवंटित हुए थे पर वो धन राशि भ्रष्टाचार के चलते कभी लोगों तक नहीं पहुँच पायी. राजनंदगांव देश के अति पिछडे इलाकों में से है जहां सरकारी अक्षमता और भ्रष्टाचार के अलावा लोग माओवादियों की समस्या से भी जूझ रहे हैं.

- साभार: इंडिया अनहर्ड