तेल देखो, तेल की धार देखो..

पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें लगातार बढ़ती जा रहीं हैं और साथ ही बढ़ रही हैं आम-आदमी की परेशानियां। सरकार और पेट्रोल कंपनियां जहां इसका कारण वैश्विक स्तर पर हो रही तेल की कीमतों में वृद्धि बता रही हैं वहीं विपक्ष सब्सिडी देकर राहत की मांग कर रहा है। हालांकि मजे की बात ये है कि तेल की आसमान चढ़ती कीमतों में बराबर की भागीदारी इस पर लगने वाले सेंट्रल एक्साईज़ टैक्स और स्टेट वैट का भी है। और इस पर कोई बात नहीं कर रहा। न सत्ता पक्ष और न ही विपक्ष। क्योंकि कई राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं और वैट का फायदा उन्हें भी मिल रहा है। अर्थात् वर्तमान में यदि पेट्रोल की कीमत 80 रूपए है तो उसमें लगभग 40 रूपए टैक्स है। इसी विषय पर प्रस्तुत है हमारे कार्टूनिस्ट पीयूष की तीखी मिर्ची..

- आजादी.मी