ग्रीस की नियो नाजी गोल्डन डॉन पार्टी पर अपराधिक संगठन होने का कलंक

18 सितंबर को ग्रीस के निवासी उस समय काफी आहत हुए जब उन्हें वामपंथी रैप गायक की हत्या और पूर्व में नियो नाजी पार्टी से संबंधित गोल्डेन डॉन के एक सदस्य द्वारा हत्या की बात कबूलने की बात पता चली। यह पार्टी उस समय देश में हो रहे ओपिनियन पोल्स में तीसरे क्रम पर चल रही थी। इस मामले को लेकर मचे बवाल के कुछ दिनों के बाद, लोक व्यवस्था मंत्री ने गोल्डेन डॉन से संबंधित 32 आपराधिक मुकदमों का खुलासा प्रमुख अभियोजन के समक्ष किया, जिसे पार्टी के आपराधिक संगठन होने के बाबत फैसला करना था। अगले सप्ताहांत (28 व 29 सितंबर) को गोल्डेन डॉन नेता निकोलस माइकलोलियाकोस, चार अन्य गोल्डेन डॉन संसदीय प्रतिनिधि व 20 से अधिक अन्य सदस्यों पर गंभीर अपराध को अंजाम देने की मंशा से संगठन में शामिल होने के आरोप के साथ गिरफ्तार किया गया। इसके तत्काल बाद के ओपिनियन पोल्स में गोल्डेन डॉन की लोकप्रियता में एक तिहाई से ज्यादा कि गिरावट देखने को मिली।

तीन वर्ष पूर्व जब गोल्डेन डॉन का प्रादुर्भाव मुख्य टीवी चैनलों पर हो रहा था तब ऐसे घटनाक्रम का पूर्वानुमान किसी ने नहीं लगाया होगा। यह सितंबर 2010 की बात है, जब एथेंस के मेयर के चुनाव के दौरान टीवी चैनल की बहस में गोल्डेन डॉन पहली बार अवतरित हुआ था। बहस के संचालक ने गोल्डेन डॉन के नेता से बहस की रूपरेखा से बाहर अपने विचार संक्षेप में प्रकट करने को कहा। गोल्डेन डॉन की नाजी विचारधारा के कारण इसे पूर्व में टेलीविजन पर होने वाली बहसों से बाहर रखा जाता था, लेकिन बाद में अदालती कार्रवाई की धमकी देने पर इसके नेता को टीवी पर आने की इजाजत दी गई।

यह पहला मौका था जब अधिकांश दर्शकों ने गोल्डेन डॉन के बारे में सुना या देखा था। लेकिन एथेंस के सबसे खराब मकानों में, जहां गरीब ग्रीक के साथ ढेरों अप्रवासी भी रहते हैं, गोल्डेन डॉन छिपकर काम कर रहा था। ग्रीस के लोगों को वास्तविक अथवा आभासी अपराधियों से सुरक्षा प्रदान करने, खेल के मैदान सिर्फ ग्रीक बच्चों के लिए उपलब्ध कराने, अप्रवासियों को “दूर” रखने आदि का आश्वासन प्रदान कर वे अनौपचारिक ताकत बन गए ताकि उन्हें सम्मिलित कर सकें।

इसके बावजूद बहुत सारे लोग तब आश्चर्यचकित रह गए जब गोल्डेन डॉन ने नवंबर 2013 को एथेंस के मेयर के लिए हुए चुनावों में 5.3 प्रतिशत मत प्राप्त किए और एक सभासद को चुना। एक नए प्राप्त दृष्टिकोण के साथ, गोल्डेन डॉन पूरे ग्रीस में अपने संदेशों का प्रसार कर रहा था कि: वित्तिय संकट का कारण सभी पार्टियों के भ्रष्ट नेताओं की मिलीभगत और धमकी देकर हासिल करने वालों के कारण हो रहा है जिससे ग्रीस कर्ज में फंस रहा है। और जो नौकरियां ग्रीस के लोगों के लिए हुआ करती थीं, अब गैरकानूनी अप्रवासियों ने छीन ली है। बलि का बकरा (जो कि अनधिकृत प्रवासी और कपटी राजनैतिक वर्ग है) ढूंढ रहे समाज में यह संदेश गूंजने लगा। वर्ष 2011 के वसंत और गर्मियों में, स्व-घोषित ‘क्रुद्द नागरिकों’ द्वारा संसद भवन के बाहर रोज प्रदर्शन किया जाने लगा और एक बार संसद पर कब्जे की आशंका मंडराने लगी। इससे गोल्डेन डॉन को नए लोगों को जोड़ने का मौका मिल गया। और पार्टी को ओपिनियन पोल्स के दौरान 3-4 प्रतिशत का रूझान प्राप्त होने लगा। मई और जून 2012 में हुए चुनावों में उन्हें लगभग 7 फीसदी मत प्राप्त हुए।

 

- अथानासियस त्स्योरस (लेखक पेशे से वकील और एथेंस के मेयर के विधि सलाहकार हैं)