आजीविका के लिए जद्दोजहद पर आधारित फिल्मों की प्रदर्शनी 31 से

जीविका एशिया लाईवलीहुड डॉक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टीवल 2012 में शिरकरत करेंगे बालीवुड के ‘शो मैन’ सुभाष घई; इंडिया हैबिटेट सेंटर में 2 सितंबर तक चलने वाले फिल्म फेस्टिवल के दौरान 18 डाक्यूमेंटरी फिल्मों का होगा प्रदर्शन

वर्ष 2020 तक आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना पाले देश में अब भी एक बड़ा तबका ऐसा है जिसे दो जून की रोटी के लिए न जाने कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं। देश में कुछ जानजातियां और समुदाय तो ऐसे हैं जो महज मछली पकड़ने अथवा शिकार के लिए अनजाने में ऐसे ऐसे करतब करते हैं कि दुनियां चकित रह जाए। हालांकि बदले में उन्हें गोल्ड मेडल तो क्या भरपेट भोजन तक नसीब नहीं होता। उधर, केंद्र व राज्य सरकारें इनकी इस खासियतों को प्रोत्साहित करने के बजाए कभी जंगल तो कभी समुद्र संरक्षण के नाम पर उनके प्राकृतिक निवास स्थानों से दर-बदर करती रहती हैं। और तो और अधिकांश मौकों पर तो विस्थापना से पूर्व उनकी आजीविका के लिए समुचित व्यवस्था तक भी नहीं की जाती।

देश के बड़े तबके द्वारा जीविकोपार्जन के दौरान उठाई जाने वाली तकलीफों और सरकार द्वारा जाने अनजाने अपनी नीतियों द्वारा उनकी परेशानियों में और इजाफा करने के ऐसे ही कुछ वाक्यों पर आधारित उत्कृष्ट डाक्यूमेंटरी फिल्मों की प्रदर्शनी आगामी शुक्रवार से राजधानी स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में होने वाली है। सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा चलाए जाने वाले जीविका अभियान द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस वार्षिक डाक्यूमेंटरी फिल्म फेस्टिवल के दौरान फिल्मकारों को प्रोत्साहित करने के लिए बालीवुड के ‘शो मैन’ सुभाष घई स्वयं उपस्थित रहेंगे। प्रोफेशनल, फॉरेन, जनरल और स्टूडेंट कैटेगरी के तहत चार उत्कृष्ट डॉक्यूमेंटरी फिल्मों को सीसीएस की ओर से क्रमशः 60 हजार, 40 हजार, 30 हजार व 20 हजार की धनराशि बतौर पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

फिल्म फेस्टिवल की जानकारी देते हुए जीविका कैंपेन के नेशनल कोआर्डिनेटर अमित चंद्र ने बताया कि फिल्म फेस्टिवल के लिए ऑनलाइन प्रविष्टियां आमंत्रित की गई थी। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रविष्टियां प्राप्त हुई। प्राप्त प्रविष्टियों की विषेशज्ञों के समक्ष हुई स्क्रीनिंग के बाद 60 डॉक्यूमेंटरी फिल्मों प्रतियोगिता के लिए योग्य पाया गया। इसके बाद 18 फिल्मों को जनता के समक्ष प्रदर्शनी के लिए चुना गया। इन फिल्मों की प्रदर्शनी के दौरान चार सर्वश्रेष्ठ फिल्मों का चयन किया जाएगा। विजेताओं को स्वयं जाने माने फिल्म निर्माता-निर्देशक सुभाष घई द्वारा सम्मानित किया जाएगा। अमित के मुताबिक फिल्म फेस्टिवल के लिए आवेदन के दौरान विदेशी फिल्म निर्माताओं की ओर से भी खासा रूझान देखने को मिला।

- अविनाश चंद्र