सार्वजनिक नीतियों की आवश्यकता, निर्माण और क्रियान्वयन पर हुई गहन चर्चा परिचर्चा

- पत्रकारों के लिए लोकनीति पर आधारित ipolicy कार्यशाला में शामिल हुए 23 मीडियाकर्मी
 
- ऋषिकेश की सुरम्य वादियों में 4-6 सितंबर तक चली कार्यशाला, सार्थक नीतियों के प्रत्येक पहलुओं पर हुई चर्चा
 
 
सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में उदारवादी वेबपोर्टल आजादी.मी (www.azadi.me) द्वारा तीन दिनों की एक आवासीय कार्यशाला 'ipolicy' का आयोजन किया गया। 4 सितंबर 2015 से शुरु होकर 6 सितंबर 2015 तक उत्तराखंड के ऋषिकेश में चली यह कार्यशाला विशेषतौर पर मीडियाकर्मियों के लिए आयोजित की गई थी जिसमें विभिन्न संस्थानों से कुल 24 पत्रकारों ने हिस्सा लिया। तीन दिनों के नौ सत्रों वाली इस कार्यशाला में विभिन्न सार्वजनिक नीतियों की आवश्यकता, निर्माण, क्रियान्वयन और भ्रांतियों पर सार्थक चर्चा की गई। विदित हो कि ipolicy कार्यशाला की संरचना इस प्रकार की गई है ताकि वक्ताओं और प्रतिभागियों को विभिन्न विषयों पर चर्चा परिचर्चा के लिए अधिकतम समय प्राप्त हो सके। 
 
कार्यशाला की अनौपचारिक शुरुआत 3 सितंबर 2015, दिन बृहस्पतिवार की देर रात्रि को ही उस वक्त हो गई जब वक्ताओं और प्रतिभागियों से युक्त बस ने दिल्ली से ऋषिकेश को प्रस्थान किया। हालांकि औपचारिक शुरुआत 4 सितंबर 2015, दिन शुक्रवार को 'सामाजिक परिवर्तन एवं सार्वजनिक नीतियां' विषय के साथ शुरु हुई। इस सत्र के वक्ता सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के प्रेसिडेंट डा. पार्थ जे. शाह थे। सत्र के दौरान सार्वजनिक नीतियों की आवश्यकता, इसके निर्माण की प्रक्रिया और इससे जुड़ी भ्रांतियों पर चर्चा की गई। द्वितीय सत्र 'भारत गरीब क्यों है?' विषय पर आधारित था जिसके वक्ता सेंटर फॉर सिविल सोसायटी के एसोसियेट डाइरेक्टर अमित चंद्र थे। सत्र के दौरान किसी देश की गरीबी से जुड़ी भ्रांतियों जैसे गरीबी, जनसंख्या, जलवायु इत्यादि पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान दुनिया भर के उदाहरणों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि गरीबी का सबसे बड़ा कारण देश विशेष की नीतियां होती हैं। कार्यशाला के पहले दिन की समाप्ति डॉक्युमेंट्री फिल्म 'इंडिया अवेक्स' के प्रदर्शन के साथ हुई। 
 
कार्यशाला का दूसरा दिन पांच सत्रों और एक डॉक्युमेट्री फिल्म के प्रदर्शन से युक्त रहा। इस दिन की शुरुआत 'समेकित विकास, समेकित बाजार' नामक सत्र के साथ हुई जिसके वक्ता अमित चंद्र थे। दूसरा सत्र 'लोक-चयनः सामूहिक गतिविधियों की लागत एवं लाभ' विषयक रहा जिसके वक्ता थे डा. पार्थ जे. शाह। अगला सत्र के वक्ता पुनः पार्थ जे. शाह थे और विषय का नाम था 'सार्थक लोक नीतियों के 10 सिद्धांत'। इसके अतिरिक्त इस दिन आर्थिक मामलों के जानकार कुमार आनंद द्वारा 'वैश्विक वित्तीय संकट' विषयक व्याख्यान व 'रिक्शावाला' नामक डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को विभिन्न प्रकार की गतिविधियों व प्रस्तुतिकरण के माध्यम से व्यावहारिक सूचना प्रदान की गई।
 
कार्यशाला का तीसरा और अंतिम दिन कई प्रकार के खेलों, सत्रों, स्नातक समारोह आदि को समर्पित रहा। इस दिन की शुरुआत अमित चंद्र के सत्र 'पारिस्थितिक चुनौतियां: सामूहिकता की त्रासदी' से हुई। इस सत्र के विषय की स्थापना 'पोल गेम''बेंडाना गेम' नामक खेलों की सहायता से की गई। युवा फाउंडेशन के संस्थापक शांतनु गुप्ता का सत्र 'शिक्षाः अधिकार, विकल्प एवं प्रोत्साहन' विषयक सत्र प्रतिभागियों के द्वारा काफी पसंद किया गया। इसके पश्चात कुमार आनंद द्वारा 'केंद्रीय योजनाएं व भारतीय उदारवादी परंपरा' विषयक व्याख्यान व प्रस्तुती दी गई। कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट व समूह चित्र प्रदान कर किया गया। इसके पूर्व आजादी.मी के संपादक अविनाश चंद्र व सीसीएस एकेडमी के सदफ हुसैन द्वारा सीसीएस व आजादी के साथ भविष्य की संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला गया। 
 
सत्र के दौरान उपस्थित प्रतिभागियों के नाम
 
1. श्री अभिषेक रंजन, लाइव इंडिया, नई दिल्ली
2. श्री अरुण शर्मा, राजस्थान पत्रिका, जयपुर
3. श्री आलोक राजा, श्री न्यूज, नोएडा
4. सुश्री अनम नकवी, द इकोनॉमिस्ट ग्रूप, नई दिल्ली
5. श्री बृजेश सिंह, अमर ऊजाला, नई दिल्ली
6. श्री बलिराम सिंह, दैनिक भास्कर, नई दिल्ली
7. सुश्री दीपल गाला, द टाइम्स ऑफ इंडिया, हैदराबाद
8. श्री जीतेंद्र, राजस्थान पत्रिका, जयपुर
9. सुश्री ज्योति, दूरदर्शन, नई दिल्ली
10. श्री कुमार संभव श्रीवास्तव, हिंदुस्तान टाइम्स, नई दिल्ली
11. श्री मूलचंद चहर, बिजनेस रैंकर्स, जयपुर
12. सुश्री पारुल जैन, फ्रीलांस, नई दिल्ली
13. सुश्री प्रज्ञा गुप्ता, ज़ी बिज़नेस, नई दिल्ली
14. श्री प्रवीण राय, हिंदुस्तान, लखनऊ
15. श्री प्रशांत अस्थाना, नवभारत टाइम्स, नई दिल्ली
16. श्री रत्नेश मिश्र, राष्ट्रीय सहारा, नई दिल्ली
17. श्री सौरव श्रीवास्तव, अमर ऊजाला, नोएडा
18. श्री संजीव सिन्हा, प्रवक्ता.कॉम, नई दिल्ली
19. श्री संदीप कुमार, इंडिया न्यूज, नई दिल्ली
20. श्री संदीप शर्मा, दैनिक जागरण, मेरठ
21. श्री सुहैल अख्तर, डेली इंकलाब, नई दिल्ली
22. श्री सुशील कुमार, संस्कृतवाणी, नई दिल्ली 
23. श्री शिवानंद द्विवेदी, फ्रीलांस, नई दिल्ली
 
 
 
- आजादी.मी