कमेन्टरी - गुरचरण दास

गुरचरण दास

इस पेज पर गुरचरण दास के लेख दिये गये हैं। उनके लेख विभिन्न भारतीय एवं विदेशी शीर्ष पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित होते हैं। इसके अलावा उन्होने कई बेस्टसेलर किताबें भी लिखी हैं।

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लोकतंत्र में हो रही है आस्था की बहाली - Read complete article...
Published on 29 Sep 2009 - 13:35
दुनिया में सबसे आत्मविश्वासी हम हिंदुस्तानी - Read complete article...
Published on 29 Sep 2009 - 13:33

भारतवासी स्कानडिनाभिया के बारे में बहुत कम जानते हैं- स्वीडन के राष्ट्र नॉर्वे, डेनमार्क,फीनलैण्ड,और आइसलैण्ड। कुछ भारतीय पुरूष स्वीडन की आकर्षक ब्लोण्ड की कल्पना करते  होंगे अन्य आज की फिनलैण्ड की नोकिया फोन के प्रति आशक्त  होंगे। भूगोल शास्त्री उत्साही इसे मध्य रात्री की सूरज-भूमि के रूप में जानते हैं। प्राचीन उदारवादियों जैसे कि मैं स्कानडिनाभिया को याद करते उनकी अतिनियमित अत्यधिक कर अदा करने वाले नौकरशाही अर्थशास्त्र जो महान फिल्म निर्माता इंगमर बर्गमन तथा टेनिस के पौराणिक बीजोर्न बोर्ग को भी हांक

Published on 22 Jul 2009 - 18:10

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