हम गे कपल्स के पीछे पुलिस लगा देंगे?

सुप्रीम कोर्ट ने समलैंगिक सेक्स को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को पलट दिया है। ट्विटर पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का काफी विरोध हो रहा है। सेक्शन 377 को खत्म करने की एक मुहिम चली हुई है। पढ़िए, जानेमाने लोगों ने क्या लिखा...

भारत ने प्रेम बैन कर दिया है। शेम...शेम।

तस्लीमा नसरीन, लेखिका

हम गे कपल्स के पीछे पुलिस लगा देंगे। क्या 21वीं सदी में ऐसा भारत होना चाहिए?

चेतन भगत, लेखक

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से निराश हूं। आजादी भ्रामक बात है।

अनुष्का शर्मा, ऐक्ट्रेस

किस सदी में जी रहे हैं हम, जहां शादी में रेप तो लीगल है और गे सेक्स अवैध?

दीप्ति सचदेव, टीवी ऐंकर

प्रिय नेताओ, अब वक्त आ गया है। आपको स्टैंड लेना होगा। छिपने की इजाजत नहीं मिलेगी। बताइए कि धारा 377 पर आपका रुख क्या है।

बरखा दत्त, टीवी ऐंकर

सुप्रीम कोर्ट के जज के तौर पर अपने आखिरी दिन जस्टिस सिंघवी चूक गए...बहुत बुरी तरह चूक गए।

राजदीप सरदेसाई, पत्रकार

गे सेक्स अवैध है, गांगुली का सेक्स वैध। लोग बिना सिर वाले मुर्गे हैं और कानून गिद्ध। प्रकृति पर चोट, मत कर काले कोट।

पाणिनी आनंद, पत्रकार

ऐसा लगता है कि सेक्शन 377 को बदलने का काम अब संसद के जिम्मे है, वही संसद जो साल में तीन बार मिलती है, दो हफ्ते के लिए, रोजाना 10 मिनट। अब भी अगर हम खराब ब्रिटिश कानूनों पर जमें रहेंगे तो हमने आजादी किस लिए ली? और ज्यादा खराब कानून बनाने के लिए?

रमेश श्रीवत्स, जाने-माने ट्विटर सिलेब्रिटी

सेक्शन 377 डरावना है। कैसे कोई और फैसला कर सकता है कि आप किससे और कैसे प्यार करेंगे। असल में चुनने की आजादी अब गैरकानूनी हो गई है।

श्रुति हसन, ऐक्ट्रेस

साभारः नवभारत टाइम्स