किताबों की जगह कूड़ा उठाते बच्चे

 

हिमाचल प्रदेश के सोलन में बच्चो के लिए स्कूल हैं और शिक्षा का अधिकार कानून भी लागू है. फिर भी एक सामान्य दिन में आप इन में से बहुतो को स्कूल में नहीं पायेंगे. उलटे आप इन बच्चो को कचरा उठाते या किसी दूसरे प्रकार के श्रम में संलग्न पायेंगे. गरीब और वंचित तबकों के इन बच्चे के माता पिता कहते हैं कि इनके द्वारा कमाई गयीं धन राशि परिवार के भरण पोषण के लिए आवश्यक है.

इस विडियो में प्रतिभा रोलटा सोलन में बाल श्रम और बच्चो की शिक्षा तक पहुँच के बारे में बता रही हैं.

(साभार: इंडिया अनहर्ड)