आज़ादी.मी टीम's blog

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि असली स्वराज कुछ लोगों के एकाधिकार से नहीं वरन् सत्ता के दुरूपयोग के उन्मूलन हेतु सभी की अर्जित क्षमता से संभव है। सुशासन, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किए बिना वास्तविक गणतंत्र की परिकल्पना साकार करना असंभव है। काफी लंबे संघर्ष के बाद शासनतंत्र में पारदर्शिता लाने की ग

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देश के किसी भी हिस्से में अपराध नई बात नहीं है। असुरक्षा हमारी जिंदगी का हिस्सा बन गई है। देश के ऐसे कई शहर हैं जहां घर में ताला लगा कर आप किसी काम से गए नहीं कि ताला अब टूटा, तब टूटा, सोने की चेन या मंगल-सूत्र खींचने के लिए बाइक पर नौजवान बेधड़क घूम रह

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एफ.डी. पर ब्याज के पेटे मिला वकील को चैक।

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