अविनाश चंद्रा's blog

जब हम अपनी आज़ादी का उपयोग जिम्मेदारी से करते हैं, तब हमें पता चलता है कि वास्तव में हम कुछ अलिखित नियमों तथा शर्तों से बंधे हुए हैं। हमें पता चलता है कि हम कुछ भी अंधाधुंध करने के लिए स्वतंत्र नहीं हैं।

मेरे गुरु महर्षि अमर ने हमें समझाया था कि हमें इच्छा-स्वातंत्र्य का वरदान मिला हुआ है। हम कुछ भी यहां तक कि गलत चुनने के लिए भी स्वतंत्र हैं। हम कभी गलत चीजों का चुनाव करते हैं, गलतियां करते हैं, असफल होते हैं। किंतु हम सीखते हैं और बदलते हैं। यह एक महत्वपूर्ण सत्य है, जिसे हमें समझना होगा।

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भरी गर्मी और तपती दोपहरी से बचने के लिए आपने अपने कमरे में लगवाने के लिए नया एसी लिया है लेकिन आप अपना कमरा कितना ठंडा करेंगे इसका फैसला सरकार करेगी। ये सुन आपका चौकना स्वाभाविक है लेकिन सरकार कुछ ऐसा ही करने का मन बना रही है।

टेलीविजन पर 'साफ नीयत सही विकास' के विज्ञापन को लगभग घूरते हुए पड़ोसी शर्मा जी बुदबुदाए- "हद है...क्या बकवास है। बंद करो इसे यार।" ज़िंदगी जिस तरह मेरे साथ दिन में कई बार मजाक करती है, मैंने सोचा थोड़ा मजाक शर्माजी के साथ कर लिया जाए। मैंने पूछा- "आपने विज्ञापन को बकवास कहा या टीवी को या मुझे। आपने टीवी को बंद करने के लिए कहा, विज्ञापन को या मुझे।" शर्माजी झुंझलाए। बोले-"अब तुम दिमाग का दही मत करो। वैसे ही 18 घंटे लेट घर पहुंचा हूं। दिमाग सही ठिकाने पर नहीं है।"

जब हम जैसे लोग यह कहते हैं कि - जनसंख्या समृद्धि का कारक है, केवल मनुष्य ही ऐसी प्रजाति है जो धन पैदा कर सकती है और नक्शे पर अंकित प्रत्येक बिन्दु, जनसंख्या की दृष्टि से सघन है और ज्यादा सम्पन्न है, तो उनके जैसे (तथाकथित समाजवादी) लोग प्राकृतिक संसाधन की कमी की बात करते हैं। उनका तर्क है कि पृथ्वी पर संसाधन सीमित हैं और यदि ज्यादा लोग होंगे, तो ये जल्दी समाप्त हो जायेंगे। प्राकृतिक संसाधनों की कमी की समस्या का जूलियन साइमन ने गहनतापूर्वक अध्ययन किया। उन्होंने दीर्घकालिक मूल्य सम्बन्धी प्रवृत्तियों का अध्ययन किया और इससे बड़े रोचक परिणाम निकलकर आये कि वेतन एवं मुद्रास्फीति

आम आदमी बहुत भोला होता है। मासूम होता है। उसे जो समझाओ, समझने लगता है। अब देखिए, विपक्ष ने समझाने की कोशिश कर डाली कि पेट्रोल-डीजल के दाम सरकार बढ़ा रही है और सरकार दाम कम नहीं करना चाहती है तो आम आदमी यही समझने लगा।

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सहल कौशिक इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ज्वाइंट एंटरेंस एग्जामिनेशन (आईआईटी जेईईई) की बेहद प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले अब तक के सबसे कम उम्र के छात्र हैं। वर्ष 2010 में उन्होंने महज 14 साल की छोटी सी उम्र में देशभर में 33वाँ और दिल्ली में पहला रैंक हासिल किया था। सहल ने किसी स्कूल में पढ़ाई नहीँ की थी। उन्होंने घर में ही पढ़ाई की थी। पिछ्ले कुछ वर्षोँ में बहुत सारे पैरेंट्स ने होम स्कूलिंग के विकल्प को अपनाया है, क्योंकि परंपरागत स्कूलों की कई खामियों के कारण वे अपने बच्चोँ को वहां नहीं भेजना चाहते थे। उन्हेँ स्कूलोँ द्वारा बच्चोँ की समस्याओँ को सुलझाने

गुजरात विधानसभा में 14 मार्च को बजट सत्र के दौरान हुई एक शर्मनाक हरकत ने पूरे देश का ध्यान खींचा। कांग्रेस और बीजेपी के विधायकों में जमकर हाथापाई हुई। कांग्रेस विधायक प्रताप दुधार्क ने बीजेपी के जगदीश पंचाल को सदन में थप्पड़ मार दिया। इसके जवाब में बीजेपी के विधायकों ने कांग्रेस के विधायक अमरीष डेर की पिटाई कर दी। दरअसल सदन के भीतर रेप आरोपी आसाराम पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान कांग्रेस विधायक इस पर सत्तापक्ष से अतिरिक्त सवाल पूछना चाह रहे थे लेकिन बीजेपी विधायकों ने इसका विरोध किया। इस बीच प्रश्नकाल समाप्त हो गया तो कांग्रेस विधायक आपा खो बै

सेंटर फार सिविल सोसायटी व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी एकबार फिर लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए अवार्ड विनिंग सर्टिफिकेट कार्यक्रम ipolicy वर्कशॉप। सुरम्य वातावरण व खूबसूरत वादियों में ipolicy वर्कशॉप कराने की परंपरा को जारी रखते हुए इस वर्ष उत्तराखंड के जिम कॉर्बेट को चुना गया है। जिम कॉर्बेट के स्टर्लिंग रिसॉर्ट में 20 से 22 अप्रैल 2018 तक चलने वाले ipolicy वर्कशॉप के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गयी है। वर्कशॉप में शामिल होने के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख  बढ़ा कर 6 अप्रैल कर दी गई है। तीन दिनों (दो रातें व तीन दिनों

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