संपादकीय कोना - अविनाश

अविनाश चंद्रा

इस पेज पर अविनाश चंद्रा के लेख दिये गये हैं।

पुराने जमाने में मार्ग से गुजरने का पहला अधिकार ऊंची जाति के लोगों को होता था। नीची जाति के लोग तभी निकल सकते थे जब ऊंची जाति के लोग पहले वहां से गुजर चुके हों। यानि कि यदि दो लोगों को रास्ते से गुजरना हो तो रास्ते से गुजरने का पहला अधिकार ऊंची जाति के व्यक्ति का था उसके बाद ही नीची जाति का व्यक्ति वहां से निकल सकता था। आज के जमाने में शहरों की सड़कों पर ट्रैफिक लाइट्स होती हैं। ट्रैफिक लाइट्स कास्ट ब्लाइंड होती हैं यानि कि वो जात-पात को नहीं देखतीं हैं। आपकी जाति ऊंची हो या नीची हो, रेड लाइट

Published on 25 Jul 2019 - 00:00

इस बात से कोई भी इंकार नहीं करेगा कि गुणवत्ता युक्त शिक्षा ही 21वीं सदी के भारत की दशा और दिशा तय करेगी। केंद्र और राज्य सरकारें भी अब इस ओर काफी गंभीर दिखाई प्रतीत होती हैं। मोदी सरकार द्वारा नई शिक्षा नीति लाने का प्रयास इसकी एक बानगी है। हालांकि देश में सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था विशेषकर प्राथमिक शिक्षा की हालत में सुधार होने की बजाए खराबी ही आई है।

वर्ष 2010 में ओईसीडी (ऑर्गेनाइजेशन फॉर इकोनॉमिक कोऑपरेशन एंड डेवलपमेंट) की

Published on 19 Jul 2019 - 22:01

भारत बहु विविधताओं वाला देश है। अर्थात यहां की भौगोलिक और पारिस्थितिक स्थिति, रहन-सहन, बोल-चाल, खान-पान, भाषा-संस्कृति, जरूरतें आदि लगभग सभी चीजों में भिन्नताएं हैं। यह एक ऐसी अनूठी विशेषता है जिसपर प्रत्येक देशवासियों को गर्व है और हम सभी का यह फर्ज है कि इस विशेषता को सहेज कर रखें। किसी दार्शनिक ने जब ‘एक कमीज सभी पर बराबर नहीं अंट सकती’ (वन शर्ट डज़ नॉट फिट ऑल) का दर्शन प्रस्तुत किया होगा तो कहीं न कहीं हमारे देश की विविधताएं उसके जेहन में अवश्य रही होगी।

Published on 5 Jul 2019 - 12:45

Pages