उदारवादी चिंतक रबीन्द्रनाथ टैगोर जयंती मुबारक

राज्य नामक अमूर्त प्राणी, भारत पर राज्य कर रहा है। हमने अपने देश में कुछ खाद्य पदार्थों के ब्रांड्स के विज्ञापन देखे हैं, जिन्हें बनाने और पैक करने की सारी प्रक्रिया बिना हाथ लगाए पूरी की जाती है। यह विवरण भारत की शासन व्यवस्था पर भी लागू होता है, जो कि हरसंभव मानवीय (जनता) से संपर्क से दूरी बनाए रहती है। राज्यपाल हमारी भाषा समझने को जरूरी नहीं मानते हैं। वे हमसे व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करने को भी जरूरी नहीं मानते हैं। वे हमसे सिर्फ अफसरों के रूप में मिलते हैं।

रबीन्द्र नाथ टैगोर (1861-1941)