देश के सभी जिलों में शुरू हो स्कूल वाऊचर पायलट प्रोग्रामः जय पांडा

उड़ीसा के केंद्रपाड़ा संसदीय क्षेत्र से बीजू जनता दल के सांसद व सुलझे हुए राजनेता बैजयंत (जय) पांडा ने थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों विशेषकर ‘स्कूल वाऊचर’ कार्यक्रम की जमकर तारीफ की है। श्री पांडा ने सीसीएस द्वारा विगत कई वर्षों से गरीब छात्रों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे वाऊचर प्रोग्राम की सफलता और इसकी प्रभावशीलता की भी जमकर तारीफ। यहां तक कि उन्होंने देश के सभी राज्यों के सभी जिलों में ऐसे पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने का भी सुझाव दिया। वह सीसीएस के चौथे वार्षिक ‘स्कूल च्वाइस नेशनल कांफ्रेंस’ के तीसरे सत्र को संबोधित कर रहे थें।

नई दिल्ली स्थित इंडिया हैबिटेट सेंटर में मंगलवार को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त थिंकटैंक संस्था सेंटर फॉर सिविल सोसायटी द्वारा “डिलिवरिंग एजुकेशनः फ्रॉम पॉलिसी टू प्रैक्टिस” विषयक स्कूल च्वाइस नेशनल कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। चार सत्रों में विभाजित इस वार्षिक कांफ्रेंस के दौरान राजनीति, पत्रकारिता, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षाविद्, स्कूल लीडर, स्कॉलर व छात्रों ने हिस्सा लिया और व्याख्यान, पैनल डिस्कसन व चर्चा परिचर्चा में सक्रिय भागीदारी दर्ज करायी। कांफ्रेंस की शुरूआत ‘संसद से सड़क तकः इंटरप्ले ऑफ पॉलिसी एंड पॉलिटिक्स’ विषय के साथ हुई। इस सत्र की अध्यक्षता सीसीएस प्रेसीडेंट पार्थ जे. शाह ने की जबकि एडुकैंप के अमित कौशिक, आरटीई फोरम के अम्बरीश राय व इनिसिएटिव्स ऑफ चेंजेस, सेंटर फॉर गवर्नेंस की वाइस प्रेसिडेंट शैलजा चंद्रा आदि ने विभिन्न शिक्षा पद्धतियों व स्कूल वाऊचर सिस्टम की सफलता को भारतीय व अंतर्राष्ट्रीय परिपेक्ष्य में प्रस्तुत किया।

कांफ्रेंस का दूसरा सत्र ‘स्टेक होल्डर्सः वाइस, च्वाइस एंड इन्सेंटिव्स’ विषयक था जिसकी अध्यक्षता सेंट्रल स्क्वैयर फांऊडेशन के चेयरमैन व सीसीएस के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के चेयरमैन आशीष धवन ने किय। इस दौरान लंदन यूनिवर्सिटी की गीता जी. किंगडन, एएसईआर सेंटर, प्रथम की रुक्मणी बैनर्जी व द ग्लोबल एजुकेशन एंड लीडरशिप फाऊंडेशन की गौरी इश्वरन बतौर पैनलिस्ट शामिल हुई।

कांफ्रेस का तीसरा सत्र ‘द अनस्पोकेन क्लब’ विषय पर आधारित था जिसकी अध्यक्षता एब्सोल्यूट रिटर्न फॉर किड्स के अमिताव विरमानी ने की। इस दौरान सांसद जय पांडा, शिक्षाविद एन्नी कोशी व विजयंथी संकर ने बतौर पैनलिस्ट उपस्थिति दर्ज करायी और स्कूली शिक्षा के प्रोत्साहन के लिए दुनियाभर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों को भारतीय परिपेक्ष्य में शानदार तरीके से प्रस्तुत किया।

चौथे और अंतिम सत्र ‘डिबेटः च्वाइस वर्सेस यूनिफार्मिटी इन एजुकेशन’ विषय पर आधारित रहा। इस दौरान सीसीएस, बोर्ड ऑफ एडवाइजर्स के चेयरमैन लुईस मिरांडा ने मॉडरेटर की भूमिका निभाई जबकि कैरियर लांचर के सत्य नारायण व यूनीसेफ की उर्मिला सरकार बतौर पैनलिस्ट शामिल हुए।

कांफ्रेस के अंत में एक “डिनर टॉकः द फ्यूचर ऑफ ब्लेंडेड स्कूल्स” का भी आयोजन किया गया जिसमें “रॉकेटशिप एजुकेशन” के सीईओ जॉन डैनर ने स्कूली विशेष कर प्रवेश स्तरीय कक्षाओं में शिक्षण प्रशिक्षण की पद्धतियों को उपयोगी बनाने के तौर तरीकों पर विचार प्रकट किए।

- अविनाश चंद्र