अंबेडकर के बहाने स्वहित साधने का प्रयास

ambedkar.jpg
बीते दिनों राष्ट्रीय शैक्षिक,अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (एनसीईआरटी) के राजनीतिक विज्ञान के पुस्तक में डा.भीमराव अम्बेडकर व पं.जवाहर लाल नेहरू की उपस्थिति वाले एक कार्टून के प्रकाशन ने बवाल मचा दिया। अचानक से राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आए इस कार्टून की सभी सियासी दलों द्वारा जमकर निंदा की गयी। सदन में जोरदार हंगामा किया गया और पुस्तक में कार्टून शामिल करने क

वे खुद कार्टून बनते जा रहे हैं

shankar9.jpg

अक्सर कहा जाता है कि हम भारतीयों में सेंस आफ ह्यूमर की भारी कमी है।हमारे सांसदों ने यह साबित कर दिया कि यह सही है। जहां तक राजनेताओं का सवाल है वे हमेशा ही कार्टूनिस्टों के निशाने पर रहे हैं आखिर क्यों न रहें?

तरुणाई में दिखा गंभीर, युवावस्था में हुआ अधीर

60 yrs.jpg

विगत 13 मई को भारतीय संसद ने स्थापना के साठ वर्ष पूरे कर लिए। इन साठ वर्षों के दौरान दुनिया ने सबसे बड़ी लोकतंत्रिक व्यवस्था को तरुणाई की दहलीज लांघ युवावस्था में पहुंचता देखा। इस दौरान इस व्यवस्था से सबकी अपनी-अपनी अपेक्षाएं और उम्मीदें जुड़ी रहीं। किसी ने इसे विश्व की आर्थिक महाशक्ति के तौर पर देखा तो किसी को इसमें वैश्विक राजनैतिक नेतृत्व की झलक दिखी। किसी ने इसे सामरिक दु

भारत की अनोखी कहानी

bhuvana.jpg

भारतीय जनगणना रपट 2011 के नवीनतम  आंकड़े जारी होने के बाद मुझसे पूछा गया कि क्यों भारत में इतने सारे मोबाइल है लेकिन पर्याप्त शौचालय नहीं हैं।हालांकि पचास प्रतिशत से ज्यादा लोगों  के पास मोबाइल हैं लेकिन इतने लोगों के यहां शौचालय नहीं हैं। मेरे देश की असाधारण कहानी  में ऐसे विरोधाभास ढ़ेर सारे हैं। विकास रिसकर नीचे की तरफ पहुंच रहा है। लेकिन सरकार ने जिन सेवाओं

जश्न नहीं आत्ममंथन का समय है

60 yrs1.jpg

हमारी संसद के साठ साल पूरे हो गये हैं। इतने वर्ष के सफर में एक तरफ देश में लोकतंत्र मजबूत हुआ है तो दूसरी तरफ उसके सभी उपकरण अपने अंर्तकलह से कमजोर हुए हैं। संसदीय लोकतंत्र की राजनीतिक प्रणाली दलीय प्रणाली पर चलती है जो हमारे देश में छिन्न भिन्न हो गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी में जवाहरलाल नेहरू के रहते हुए एक लंबी बहस की परंपरा डा

क्या भारतीय बच्चे वास्तव में अन्य देशों के बच्चों से बेहतर हैं?

indian bachhey.JPG

अक्सर यह बात सुनने में आती है कि भारतीय छात्र वैश्विक स्तर पर अपनी मेहनत व विषय विशेषज्ञता का लोहा मनवा रहे हैं। अक्सर अंतराष्ट्रीय स्तर के शोध व अध्ययनों में भारतीय व चीनी बच्चों के दुनियां के अन्य बच्चों से अधिक सक्षम बताया जाता है। गाहे-बगाहे दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश माने जाने वाले राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति भी अपने बच्चों को भारतीय व चीनी छात्रों से सबक लेने और समा

मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर के कुछ कार्टून

shankar6.jpg

आजकल मशहूर कार्टूनिस्ट शंकर का बनाया डा़ अंबेडकर का  कार्टून चर्चा में है लेकिन शंकर के कार्टून तो हमेशा नेताओं को अपना निशाना बनाते रहे हैं य़यहां पेश हैं उनके कुछ प्रमुख कार्टून

दो गायें और कई वाद

two cow.jpg

सामंतवाद
आपके पास दो गायें हैं और उनका कुछ दूध जमींदार ले जाता है।
समाजवाद
आपके पास दो गायें हैं  तो एक आप अपने पड़ोसी को दे दें।
फासिज्म
आपके पास दो गाएं हैं । सरकार दोनों गायें ले लेगी । आपको इस नौकरी पर लगा देगी कि आप उनकी देखभाल करें और फिर वह आपको उसका दूध  बेचेगी।

Syndicate content