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'ईज टू डू बिजनेस' में और पिछड़ा भारत

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सुशासन सुधारेगा हालात
 

मुश्किल है ‘मेक इन इंडिया’ की राह

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बनाने होंगे कई बेंगलूरू

कोल ब्लॉक आवंटन रद्द होने से निवेश पर पड़ेगा असर

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सुप्रीम कोर्ट द्वारा कोल ब्लॉक आवंटन रद्द किए जाने का तात्कालिक असर बैंकों, निवेश के माहौल और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। जिन कंपनियों ने बैंकों से पैसा लेकर कोल ब्लॉकों में निवेश किया था वे कंपनियां अब बैकोें का पैसा शायद नहीं चुका पाएं। 
 

विकल्प दीजिए, ना कि खैरात

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एक बार फिर स्कूल एडमीशन की सरगर्मियां जोरो पर है। इसी बीच स्कूल संगठनों ने यह मांग दोहराई है कि उन्हें मैनेजमेंट कोटा के अंन्तर्गत एडमीशन की छूट दी जाए। पर जिस तरह से मैनेजमेंट सीटों की नीलामी की जाती है, उसे देखते हुए सरकार शायद ही इसे छूट दे। आखिर ऐसा क्यों है कि निजी स्कूल मनमाने पैसे वसूल कर नर्सरी में दाखिला देना चाहते है?

व्यक्तिगत नैतिकता का अर्थ समाजसेवा करना नहीं - डॉ. पार्थ जे. शाह

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व्यापार में कुछ खास नैतिक खतरे नहीं हैं। कोई भी काम जिसमें सही या गलत में चुनाव करना पड़े उसमें नैतिक खतरा होता ही है। व्यापारी भले ही अपने काम में ज्यादा नैतिक दुविधा का सामना करता है लेकिन यह किसी राजनेता या नौकरशाह की दुविधा से ज्यादा नहीं होता होगा।
 

स्वहित और स्वार्थ के फर्क को जानें

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भारत ने पहले लोकतंत्र को अपनाया और बाद में पूंजीवाद को और यह हमारे बारे में बहुत कुछ समझाता है। भारत 1950 में सर्व मताधिकार और व्यापक मानवाधिकारों के साथ लोकतंत्र बना लेकिन 1991 में जा कर इसने बाजार की ताकतों को ज्यादा छूट दी।