'आज़ादी समर्थक अभियान' की पैट्री फ्रीडमैन द्वारा की गई आलोचना मूलतः सही है। कम से कम तीस साल हो गए जबकि शैक्षिक अर्थशास्त्र में मुक्त-बाजार के विचार का वर्चस्व रहा है। आज़ादी समर्थक विचारकों के पास पर्याप्त धन है और प्रभाव भी। इन तमाम प्रोत्साहक घटनाओं के बाद भी सरकार का कुल आकार बढ़ता ही जा रहा है। अमेरिका में दोनों ही राष्ट्रीय दल, वाकई शब्दों में न सही काम के लिहाज से तो सरकार के आकार को बढ़ाने और आज़ादी को कम करने के ही काम के प्रति समर्पित हैं। सही विचार और उनके प्रभावी तरीके से प्रचार ने राजनीति में पर्याप्त बेहतर परिवर्तन नहीं किए हैं। हमें विचार और उनका उचित तरीके से प्रचार की जरुरत है, लेकिन केवल इतनी ही रणनीति पर्याप्त नहीं होगी।
यह दावा गलत होगा कि विचारों का कोई मायने नहीं होता या लोकतांत्रिक राजनीति आज़ादी को प्रोत्साहन देने में हमेशा ही नाकाम होती है। एक उल्लेखनीय ऐतिहासिक उदाहरण ब्...
