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Green Cars Have A Little Dirty Secrets

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त्योहारों पर लकड़ी नहीं, नकारात्मक विचार जलाएं

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बीते रविवार को हम सब ने धूमधाम से लोहड़ी जलाई। इसी तरह होली के भी पहले लोग होलिका दहन करते हैं। आज के ग्लोबल वॉर्मिंग के दौर में त्योहारों के नाम पर क्या ऐसे रिवाज उचित हैं?

प्रतिबंध समस्या का समाधान नहीं समस्या को बढ़ाने वाला कारक है (भाग दो)

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उदाहरण के लिए चीनी व्स्तुओं पर प्रतिबंध उनकी घटिया गुणवत्ता व इसके अर्थव्यवस्था व स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को रोकने के लिए लगाया गया है। लेकिन भारतीय बाजार चीनी वस्तुओं से भरे पड़े हैं और खिलौनों आदि में प्रयुक्त रंग के संपर्क में आने के कारण बच्चों को कैंसर, दिल व फेफड़े की बीमारी हो रही है। क्या ही अच्छा होता कि चीनी वस्तुओं के लिए भारतीय बाजार खोल दिए जाए लेकिन इ

प्रतिबंध समस्या का समाधान नहीं समस्या को बढ़ाने वाला कारक है (भाग एक)

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दिल्ली में एकबार फिर से पॉलीथिन के प्रयोग व इसकी खरीद-बिक्री को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 15 के तहत प्रतिबंध की अनदेखी करने वालों पर 10 हजार से एक लाख रूपए तक का आर्थिक दंड अथवा सात वर्ष तक की सजा अथवा दोनों का प्रावधान किया गया है। इसके पूर्व वर्ष 2009 में भी दिल्ली में प्लास्टिक के प्रयोग पर रोक लगाया गया था। लेकिन उस समय 40 माइक्रोन से

प्रदूषित होता भूजल

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हमारे देश में भूजल के गिरते स्तर और उसके बढ़ते प्रदूषण पर समय-समय पर चिंता जतलाई जाती रही है। पर्यावरण संबंधी तमाम सरकारी, गैर सरकारी अध्ययन हमें लगातार आगाह करते रहे हैं कि जल प्रदूषण की समस्या इतने भयानक स्तर तक पहुंच गई है कि यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो निकट भविष्य में हमारे लिए पीने के पानी के भी लाले पड़ जाएंगे। अब खुद जल संसाधन मंत्रालय के आंकड़े इन

पर्यावरण की शत्रु नहीं है तीव्र विकास दर

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चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने पिछले दिनों कहा कि उनके देश में अगले पांच साल के लिए वार्षिक संवृद्धि दर का लक्ष्य घटाकर सात प्रतिशत कर दिया गया है। हमें तीव्र आर्थिक संवृद्धि के लिए अपने पर्यावरण का बलिदान नहीं करना चाहिए। उन्होंने सरकार से सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि से ध्यान हटाकर संवृद्धि की गुणवत्ता और लाभ पर केंद्रित करने को कहा। वेन का बयान चीन और भारत की आर्थिक संवृद्धि का वैश्विक पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पश्चिमी जगत की चिंताओं के मद्देनजर आया है। पिछले साल चीन की संवृद्धि दर 10.3 प्रतिशत थी, जो इस साल 9 प्रतिशत रह गई है। यद्यपि वह अपने देश के नागरिकों से मुखातिब थे, फिर भी उनका संदेश पश्चिम के आलोचकों पर लक्षित था।

सबित हुआ कि पेड़ नहीं है बांस

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हाल ही में केंद्र सरकार ने बांस को पेड़ नहीं, घास की संज्ञा दे दी है. इस आधिकारिक पुष्टि के साथ ही लम्बे समय से बांस को घास घोषित किये जाने के लिए चल रहे अभियान को राहत मिली है. इस आधिकारिक पुष्टि से जंगलो में रहने वाले आदिवासियों के अधिकार भी स्थापित हो सकेंगे.

कोपेनहेगन कवायद के मायने

बारह दिनों तक जलवायु परिवर्तन पर चले कोपनेहेगन सम्मेलन में अंतिम दिन अमेर

क्यों अहम है कोपेनहेगन सम्मेलन

हिमालय की बर्फ का पिघलना, समुद्र के जलस्तर का बढ़ना और पृथ्वी के तापमान में वृद्धि ग्लोबल वार्मिंग की भ

मैं पैंसिल! मेरा परिवार वृक्ष!!

मैं लैड पेंसिल हूँ- साधारण लकडी की पैंसिल, जिसे सभी पढ़ने-लिखने वाले लड़के, लड़कियॉ और बड़े जानते हैं।

लिखना मेरी प्रवृत्ति और पेशा दोनों है। कुल मिला कर मै यहीं करती हूं।

लेखक: 
लियानोर्डो इ रीड
प्रकाशित: 
द फ्रीमैन - दिसंबर 1958