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सोमवार, जुलाई 27, 2015
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- शिक्षा, सुरक्षा और असंगत कर प्रणाली के कारण ब्रिटेन सहित अन्य देशों में पलायन करने को मजबूर हो रहे लोग
 
- प्रतिदिन 12 लोग छोड़ रहे हैं देश, सबसे ज्यादा पलायन वाले देशों में चीन के बाद भारत का दूसरा स्थान
 
देश में सुरक्षा, शिक्षा और टैक्स प्रणाली की हालत अब तक अमीरों के दिलों में भरोसा कायम नहीं कर सकी है। इसकी बानगी एक ग्लोबल रिपोर्ट से मिलती है। यह कहती है कि पिछले 14 साल में भारत से 61,000 अमीर टैक्स, सुरक्षा एवं बचों की शिक्षा जैसे कारणों के चलते विदेश पलायन कर गए। हर दिन करीब 12 ऐसे भारतीय दौलतमंद विदेश में बसने बाहर निकले। हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (एचएनडब्ल्...
मंगलवार, जुलाई 21, 2015
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पहले ग्रीस का आर्थिक संकट और बाद में चीन में मंदी और अब ईरान पर से वैश्विक प्रतिबंधों का हटना। एक एक करके परिस्थितियां भारत के पक्ष में झुकती प्रतीत हो रही हैं। भले ही ग्रीस की अर्थव्यवस्था से भारतीय अर्थव्यवस्था का सीधा जुड़ाव नहीं है लेकिन चीन के बाजार में गिरावट का सीधा लाभ भारत को मिल सकता है। पिछले कुछ दशकों से दुनियाभर के निवेशकों के लिए चीन और भारत के बाजार आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। हालांकि चीन के मुकाबले भारत को दूसरी वरीयता ही प्राप्त होती है। किंतु चीन के धड़ाम होते बाजार ने निवेशकों के मन में हलचल पैदा कर दी है। पिछले एक महीने से भी कम के समय में चीन के शेयर बाजार में 3.2 खरब डॉलर की रकम डूब चुकी है। निवेशकों ने तेजी अपना पैसा चीन के बाजार से निकालना शुरू कर दिया। लगभग 500 कंपनियों ने शंघाई और शेनझेन एक्सचेंजों में ट्रेडिंग बंद कर दी। कोढ़ में खाज का काम किया चीनी सरकार के उस फैसले ने जिसमें ब...
गुरूवार, जुलाई 16, 2015
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सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की विद्यार्थियों के प्रति अरुचि और कक्षाओं से नदारद रहने के मामले सामने आते रहते हैं। इस व्यवस्था में बदलाव के लिए जरूरी है कि न सिर्फ मानिटरिंग सिस्टम बेहतर हो बल्कि शिक्षकों को उनके प्रदर्शन पर आधारित प्रोत्साहन दिया जाए। सेंटर फॉर सिविल सोसाइटी (सीसीएस) की ओर से दिल्ली के सरकारी, निजी व बजट स्कूलों को ध्यान में रखकर हुई रिसर्च में सामने आया है कि किस तरह से सरकारी स्कूलों की हालत खराब हो रही है और निजी स्कूलों की साख मजबूत हो रही है।
 
स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका पर केंद्रित रिसर्च में बताया गया है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों का कक्षाओं से गैरहाजिर रहना बड़ी परेशानी है। सीसीएस के अध्यक्ष पार्थ जे शाह कहते हैं कि इसके पीछे के दो अहम कारण हैं-पहला, सरकारी स्कूल के शिक्...
मंगलवार, जुलाई 14, 2015
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आखिरकार कोई तो बुद्धिमानी से बोला। अब तक तो हमने काले धन को लेकर हर किसी को आक्रोश व्यक्त करते हुए ही देखा, लेकिन किसी ने व्यावहारिक समाधान नहीं सुझाया। बोफोर्स घोटाले से इसकी शुरुआत हुई थी और उसके कारण राजीव सरकार को सत्ता से बेदखल होना पड़ा। फिर तो हर किसी को यह समझ में आ गया कि काला धन राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की प्रतिष्ठा को खत्म करने का एकदम कारगर उपाय है। काले धन को लेकर शेखी बघारी जानेे लगी। एनडीए सरकार तो एक कदम आगे जाकर काले धन पर लगाम लगाने के लिए सच में काले कानून ही ले आई।
 
ऐसे समय में मुख्य आर्थिक सलाहकार का कॉमन सेन्स की भाषा में बोलना सराहनीय है। अरविंद सुब्रह्मण्यम ने साफ कहा कि ऐसे किसी विषय के बारे में इतना बोलना ठीक नहीं है, जिसके बारे में हम ज्यादा कुछ...
सोमवार, जुलाई 13, 2015
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एक समय अभिनेत्री नीना गुप्ता ने अपनी बेटी मसाबा की बिन ब्याही मां बनकर विवाह की अनिवार्यता के खिलाफ आवाज उठाई थी। तब शायद ही किसी ने सोचा होगा कि एक दिन ऐसा भी आएगा जब सुप्रीम कोर्ट ऐसी सभी मांओं को बच्चे की कस्टडी का कानूनी अधिकार दे देगा।
 
बीते सोमवार को आए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से सामाजिक बदलाव की धीमी गति पर यकीन रखने वालों को एक झटका जरूर लगा होगा। लेकिन आज नहीं तो कल, वे जरूर समझ जाएंगे कि दुनिया हमेशा पुराने, जर्जर मूल्यों की पूंछ पकड़ कर आगे नहीं बढ़ती। भारत में लंबे समय से चली आ रही पुरुष सत्तात्मक व्यवस्था ने बच्चों को पुरुष की संपत्ति बना रखा था, भले ही वह पिता का दायित्व निभाने को तैयार हो या नहीं।
 
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गुरूवार, जुलाई 09, 2015
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सुप्रीम कोर्ट ने भारत में सभी पॉर्न वेबसाइट्स को ब्लॉक करने का निर्देश जारी करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने इसे निजी स्वतंत्रता का मामला बताया। संविधान के अनुच्छेद- 21 के तहत लोगों को व्यक्त‍िगत आजादी हासिल है। 
 
मेल टुडे की खबर के अनुसार मुख्य न्यायाधीश एचएल दत्तू ने कहा कि अदालत इस बारे में कोई अंतरिम आदेश नहीं दे सकती। उन्होंने कहा कि कोई भी कोर्ट आकर यह कह सकता है कि मैं बालिग हूं और आप मुझे अपने घर के बंद कमरों में कुछ भी देखने से कैसे रोक सकते हैं? यह संविधान की धारा 21 का उल्लंघन है। 
 
हालांकि अदालत ने इसे एक गंभीर मामला मानते हुए कहा कि इस दिशा...

मुक्त बाज़ार और नैतिक चरित्र

Morality of Marketक्या मुक्त बाज़ार हमारी नैतिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है? जाने कुछ विशेषज्ञों की राय...

आज़ादी ब्लॉग

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गुरूवार, जुलाई 23, 2015
अदालती कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग के पक्ष में तीन मुख्य तर्क दिए जा सकते हैं। पहला, जब देश की संसद, चाहे राज्य सभा हो अथवा लो...

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गुरूवार, जुलाई 02, 2015
निजी स्कूलों की दाखिला प्रक्रिया से लेकर वहां ली जाने वाली फीस पर सूबे का सियासी पारा चढ़ सकता है। दिल्ली सरकार ने जहां इन दोनों...

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मंगलवार, जून 23, 2015
भूटान की राजधानी थिंपू में अपने तीन पड़ोसी देशों- बांग्लादेश, भूटान व नेपाल से भारत का मोटर वाहन सड़क-पारगमन समझौता एक नए दौर का आ...

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गुरूवार, फरवरी 26, 2015
जिस "स्वस्थ्य सरकारी नीति के सात सिद्धांतों'' की हम यहाँ चर्चा कर रहे हैं, वे मुक्त अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। उनमें से प्र...

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मंगलवार, फरवरी 17, 2015
जिस "स्वस्थ्य सरकारी नीति के सात सिद्धांतों'' की हम यहाँ चर्चा करने जा रहे हैं, वे मुक्त अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। उनमें स...

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गुरूवार, फरवरी 12, 2015
जिस "स्वस्थ्य सरकारी नीति के सात सिद्धांतों'' की हम यहाँ चर्चा करने जा रहे हैं, वे मुक्त अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। उनमें स...

आपका अभिमत

क्या परीक्षा कक्ष में सुचिता बनाए रखने के नाम पर मुस्लिम महिलाओं के हिज़ाब पहने पर रोक लगानी चाहिए?:

आज़ादी वी‌डियो

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