ताज़ा पोस्ट

Thursday, January 28, 2016

विश्‍व में भारत ऐसा देश है, जहां पर बांस सबसे ज्‍यादा पाया जाता है। मगर वन विभाग कानून के तहत इसे पेड़ की कैटेगरी में दर्ज किया गया है, यही कारण है कि इसकी गैरकानूनी ढंग से कटाई पर भारत में रोक है, लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि बांस कोई पेड़ नहीं है, बल्‍कि यह घास की ही एक प्रजाति का वंशज है।

भारत को छोड़कर बहुत से देशों में इसे घास का दर्जा प्राप्‍त है। बांस को पेड़ की कैटेगरी से हटाकर घास की कैटेगरी में शामिल करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका पर सुप्रीम कोर्ट जल्‍द ही सुनवाई करेगी।

सेंटर फॉर सिविल सोसायटी नामक एक स्‍वयं सेवी संस्‍था ने अधिवक्‍ता निधि व प्रशांत नारंग के माध्‍यम से यह जनहित याचिका दायर की है। इस याचिका के माध्‍यम से बांस को घास की कैटेगरी में शामिल किए जाने की मांग की गई है, जिससे कि यहां के लोग पेड़ों की बजाए घरेलू फर्नीचर में बांस का...

Wednesday, January 27, 2016

फेसबुक के जन्मदाता मार्क जुकरबर्ग को वर्तमान पीढ़ी का महानतम व्यक्ति कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी। महानता के मामले में निर्विवाद रूप से वह अपने समकक्षों से आगे, बहुत आगे निकल गए हैं। महज एक दशक पूर्व शुरू किए गए फेसबुक नामक अपने स्टार्टअप की बदौलत 31 वर्ष की अत्यंत कम आयु में खरबपति बनने का कारनामा करने और उससे भी बड़ी दरियादिली दिखाते हुए अपनी 99 फीसदी संपत्ति (लगभग 3 लाख करोड़ रूपए) दान देने की घोषणा कर उन्होंने दुनियाभर में प्रशंसा हासिल की है। अपनी दानवीरता के अलावा इन दिनों वह एक अन्य कारण से भी दुनियाभर की मीडिया, विशेषकर भारतीय मीडिया में चर्चा का विषय बने हुए हैं। वह कारण है इंटरनेट की सुविधा से वंचित लोगों को मुफ्त में इंटरनेट की सेवा उपलब्ध कराने की उनकी योजना। इस योजना को उन्होंने नाम दिया है फ्रीबेसिक्स।

फ्रीबेसिक्स अर्थात डाटापैक...

Thursday, January 21, 2016

देश 67वें गणतंत्र दिवस की तैयारियों में जी जान से जुटा हुआ है। यह वह मौका है जब हम दुनिया को अपनी ताकत, विभिन्नता में एकता और आर्थिक, सामाजिक और राजनैतिक प्रचुरता आदि से अवगत कराते हैं। हम यह प्रदर्शित करते हैं कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद से देश व देशवासियों ने क्या क्या अर्जित किए हैं। निसंदेह आजादी के बाद से देश ने काफी प्रगति की है और दुनियाभर में अपनी मेधा और फौजी ताकत से काफी सम्मान बटोरा है। लेकिन कुछ प्रश्न अब भी उतने ही प्रासंगिक हैं जो छह दशक पहले थे। 10 अगस्त 2003 को अंग्रेजी दैनिक 'द टाइम्स ऑफ इंडिया' में स्वामीनाथन एस. अंकलेसरिया अय्यर का एक लेख प्रकाशित हुआ था। इस लेख के माध्यम से उठाए गए प्रश्न अब भी मौजूं हैं। इस लेख को आजादी पर पुनः साझा किया जा रहा है। इसे पढ़ें और अपनी राय दर्ज कराएं..

आजादी के आंदोलन के दौरान हमारे नेताओं ने...

Tuesday, January 19, 2016
यूपी के 3 हजार स्कूल को बंद करने की साजिश, 'नीसा' ने शिक्षा विभाग पर लगाया आरोप 
 
नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस (नीसा) ने प्रदेश के शिक्षा महकमे पर 'राइट टू एजूकेशन' को आधार बनाकर राजधानी के 108 स्कूलों को बंद करने की साजिश का आरोप लगाया है। नीसा के पदाधिकारियों ने बताया कि विभाग लो बजट प्राइवेट स्कूलों से स्थाई मान्यता के लिए ऐसी शर्तें पूरी करने का दबाव बना रहा है, जो पूरी नहीं की जा सकती। इससे राजधानी के अलावा प्रदेश के तीन हजार स्कूल बंद हो सकते हैं। राइट टू एजूकेशन को इन स्कूलों के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। बताते चलें कि नीसा देश के 22 राज्यों में बजट प्राइवेट स्कूलों का रिप्रेजेंटेशन करता है। आगे पढ़िए प्राइवेट स्कूल की समस्याओं को कैसे किया उजागर...
 
 
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Friday, January 15, 2016

- बदले माहौल में सरकार को अंपायर की भूमिका में होना जरूरी मान रहे हैं केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री जयंत सिन्हा

हमारे पास विकासशील दुनिया का नेतृत्व करने का अवसर है और केंद्र सरकार इसके लिए सारे प्रयास भी कर रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने यह बात बार-बार कही है कि हमारी सरकार गरीबों के हितों वाली है। संसाधनों पर देश के गरीबों का पहला हक है और हमारे सभी प्रयास भारत में गरीबी हटाने के इर्द-गिर्द केंद्रित होने चाहिए। यह हमारी सिर्फ राजनीतिक जरूरत नहीं है, बल्कि हमारा नैतिक उत्तरदायित्व और राजधर्म भी है। हम गरीबों के हितों को पूरा करने वाली सरकार के साथ बाजार के हितों को पूरा करने वाली सरकार भी हैं। सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि हमारे बाजार ठीक से विकसित हों, प्रतिद्वंद्विता वाली नीतियों का हम...

Thursday, December 17, 2015
ध्यान हो तो धन भी सुंदर है। ध्यानी के पास धन होगा, तो जगत का हित ही होगा, कल्याण ही होगा। क्योंकि धन ऊर्जा है। धन शक्ति है। धन बहुत कुछ कर सकता है। मैं धन विरोधी नहीं हूं। मैं उन लोगों में नहीं, जो समझाते हैं कि धन से बचो। भागो धन से। वे कायरता की बातें करते हैं। मैं कहता हूं जियो धन में, लेकिन ध्यान का विस्मरण न हो। ध्यान भीतर रहे, धन बाहर। फिर कोई चिंता नहीं है। तब तुम कमल जैसे रहोगे, पानी में रहोगे और पानी तुम्हें छुएगा भी नहीं। ध्यान रहे, धन तुम्हारे जीवन का सर्वस्व न बन जाए। तुम धन को ही इकट्ठा करने में न लगे रहो। धन साधन है, साध्य न बन जाए। धन के लिए तुम अपने जीवन के अन्य मूल्य गंवा न बैठो। तब धन में कोई बुराई नहीं है। मैं चाहता हूं कि दुनिया में धन खूब बढ़े, इतना बढ़े कि देवता तरसें पृथ्वी पर जन्म लेने को। लेकिन धन सबकुछ नहीं है। कुछ और भी बड़े धन हैं। प्रेम का, सत्य का, ईमानदारी का, सरलता का, निर्दोषता का, निर-अहंकारिता का। ये धन से भी बड़े धन हैं।...

मुक्त बाज़ार और नैतिक चरित्र

Morality of Marketक्या मुक्त बाज़ार हमारी नैतिकता पर प्रश्न चिन्ह लगा रहा है? जाने कुछ विशेषज्ञों की राय...

आज़ादी ब्लॉग

Friday, February 05, 2016
बजट प्राइवेट स्कूलों की अखिल भारतीय संस्था नीसा (नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलाएंस) माननीय दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा गैर सहायता प्राप...

Monday, February 01, 2016
पूर्व केंद्रीय मंत्री व राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने देश में 1991 में हुए आर्थिक सुधारों को भूतपूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय नरसिम्...

Thursday, January 28, 2016
- सरकार से आर-पार के मूड में निजी स्कूल, संगठन बनाकर शक्ति प्रदर्शन की तैयारी - सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे 2 लाख स्कूलों के 4...

Monday, November 16, 2015
राजधानी में यदि शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत स्कूलों को मान्यता देने की व्यवस्था लागू की गई तो नए सत्र में करीब 1400 प्र...

Monday, November 16, 2015
‘हिंदी सीखो, हिंदी बोलो, हिंदी अपनाओ’ की भावुकतापूर्ण अपीलें कम नहीं हुई हैं, लेकिन समाज इन अपीलों को कितनी गंभीरता से ले रहा है,...

Monday, November 16, 2015
जैन पर्व पर्युषण को देखते हुए पिछले दिनों मांस खाने पर सरकार द्वारा लगाये गए प्रतिबन्ध को लेकर काफी विवाद हुआ। कई जगह विरोध प्र...

Monday, November 16, 2015
सेंटर फार सिविल सोसायटी (सीसीएस) व एटलस नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में आजादी.मी लेकर आए हैं पत्रकारों के लिए ipolicy (लोकनीति...

Monday, November 16, 2015
अदालती कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग के पक्ष में तीन मुख्य तर्क दिए जा सकते हैं। पहला, जब देश की संसद, चाहे राज्य सभा हो अथवा ल...

आपका अभिमत

क्या धर्म स्थलों में प्रवेश के लिए महिलाओं और पुरुषों में भेद किया जाना चाहिए?

आज़ादी वी‌डियो

  जनवरी 1, 2009 को एटलस वैश्विक पहल की घोषणा करी गयी. टॉम पामर के नेतृत्व में शुरू हुई इस पहल के ज़...

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